Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
बचà¥à¤šà¥‡ को मानसिक रूप से मजबूत बनाà¤à¤—ी ये 4 आदतें
बचà¥à¤šà¥‡ तो मनमौजी व शरारती होते हैं। इसलिठवे अकà¥à¤¸à¤° बिना सोचे-समà¤à¥‡ ही काम कर देते हैं। वहीं बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में समà¤à¤¦à¤¾à¤°à¥€ का विकास धीरे-धीरे ही होता है। वे परिवार, सà¥à¤•ूल, सोशल लाइफ आदि से अलग-अलग चीजें व वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° सीखते हैं। सà¥à¤•ूल में वे अपने पाठसे अलग-अलग विषय के बारे में और दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚, टीचरà¥à¤¸ व सहपाठियों से बातचीत के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ नई-नई बातों को सीखते हैं। इनसे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का मानसिक विकास होता है। मगर कोरोना के कारण बचà¥à¤šà¥‡ लंबे समय तक घर पर ही रहे। à¤à¤²à¥‡ ही वे ऑनलाइन कà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥‡à¤¸ लगा रहे थे। मगर फिर à¤à¥€ उनका वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¤¿à¤• विकास सही से नहीं हो पाया। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¤¿à¤• जà¥à¤žà¤¾à¤¨ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मानसिक रूप से मजबूत बनाने के लिठजरूरी है। à¤à¤¸à¥‡ में आज हम आपके लिठकà¥à¤› टिपà¥à¤¸ लेकर आठहैं, जिससे उनका मानसिक विकास बेहतर हो सके।
कोरà¥à¤¸ से अलग किताबें à¤à¥€ पढ़ाà¤à¤‚
अकà¥à¤¸à¤° पेरेंटà¥à¤¸ सोचते हैं कि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को उनके कोरà¥à¤¸ की ही किताबों पढ़नी चाहिà¤à¥¤ ताकि वे अपनी कà¥à¤²à¤¾à¤¸ से आगे निकल सके। मगर à¤à¤¸à¤¾ सोचना या करना गलत है। असल में, बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का पढ़ाई के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ रà¥à¤à¤¾à¤¨ पैदा करने के लिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अलग कोरà¥à¤¸ की किताबें à¤à¥€ पढ़ानी चाहिà¤à¥¤ आप चाहे तो वे जिस विशेष में वे दिलचसà¥à¤ªà¥€ रखते हैं उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ वो पढ़ा सकते हैं। इससे आपके बचà¥à¤šà¥‡ पढ़ने के लिठअधिक पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ होंगे। à¤à¤¸à¥‡ में उनकी पढ़ने व याद करने की आदत विकसित होगा। वैसे अलग-अलग कहानियों, उपनà¥à¤¯à¤¾à¤¸ (नॉवेलà¥à¤¸), कॉमिकà¥à¤¸ आदि पढ़ने से à¤à¥€ कई बार à¤à¤¾à¤·à¤¾ और वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° की जानकारी मिल सकती है।
अखबार पढ़ें और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ से à¤à¥€ पढ़ाà¤à¤‚
अखबार पढ़ने से देश-दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की जानकारी मिलने के साथ बहà¥à¤¤ सारे नठविषयों का जà¥à¤žà¤¾à¤¨ à¤à¥€ मिलता है। अगर आपका बचà¥à¤šà¤¾ छोटा है तो आप उसे मनोरंजक खबरों पढ़कर सà¥à¤¨à¤¾à¤à¤‚। अगर वह खà¥à¤¦ पढ़ सकता है तो उसे अखबार पढ़ने के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करें। बचà¥à¤šà¥‡ मोबाइल पर कà¥à¤¯à¤¾ देख या पढ़ रहे हैं इसपर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना थोड़ा मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकता है। इसलिठउसे अखबार पढ़ने के लिठही कहें।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को सवाल करने की आदत डालें
आपको बचà¥à¤šà¥‡ में सवाल पूछने की आदत डालनी चाहिà¤à¥¤ इससे वे अलग-अलग विषयों के बारे में जानकारी हासिल कर पाà¤à¤—ा। घर पर à¤à¤¸à¤¾ माहौल रखें कि बचà¥à¤šà¤¾ बिना à¤à¤¿à¤à¤• के अपना सवाल पूछ पाà¤à¤‚। इससे उनका मानसिक विकास होगा। इसके साथ ही वे खà¥à¤² कर सबके सामने अपनी बात रख पाà¤à¤‚गे।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को दूसरों से घà¥à¤²à¤¨à¥‡-मिलने के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करें
अकà¥à¤¸à¤° बचà¥à¤šà¥‡ शरà¥à¤®à¤¿à¤²à¥‡ व संकोची किसà¥à¤® के होते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में अगर आपका बचà¥à¤šà¤¾ à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ है तो उसे सबके साथ घà¥à¤²à¤¨à¥‡-मिलने के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करें। इससे वे वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° कà¥à¤¶à¤² बनेंगे। इसके लिठआप बचà¥à¤šà¥‡ को बाहर दूसरे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ खेलने à¤à¥‡à¤œ सकते हैं। इसके अलावा आप चाहे तो घर पर अपने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ को बà¥à¤²à¤¾à¤•र उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कोई गेम खिला सकते हैं। इससे आपका बचà¥à¤šà¤¾ बोलने, समà¤à¤¨à¥‡, दूसरों से अचà¥à¤›à¤¾ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° करने आदि चीजों को सिखेगा। इसतरह बचà¥à¤šà¥‡ का मानसिक विकास बेहतर होगा।
| --------------------------- | --------------------------- |